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Shukra mani । शुक्र मणि

Shukra mani, how to find shukramani, price of shukra mani, मनुष्य जीवन पर शुक्र मणि का प्रभाव

शुक्र गृह के प्रभाव को बढ़ने के लिए ज्योत्षी हमें हीरा पहने के लिए कहते हैं। जब हीरा न हो तो ओपल, जरकन या शुक्र मणि पहनने को कहा जाता है। शुक्र मणि क्या होती है यह कहाँ पाई जाती है? इसे किन लोगों को पहनना चाहिए और इसके प्रभाव क्या है तथा इसे कैसे पहने हम इस लेख में पूरी जानकर देंगे। Shukra mani

दोस्तों सबसे पहले हम शुक्र गृह के बारे में जान लेते हैं। जससे शुक्र मणि समझें आसान हो जाता है। Planet Venus astrology,

Venus transit in Pisces. शुक्र का मीन राशि में गोचर

ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है। इसके कारण ही व्यक्ति को भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है। इस ग्रह को दो राशियों क्रमश: वृषभ और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है, जबकि यह देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में उच्च माना गया है, वहीं ग्रहों के राजकुमार बुध की राशि कन्या में यह नीच स्थिति में माना जाता है। बुध और शनि ग्रहों से मित्रता रखने वाले शुक्र की सूर्य और चंद्रमा से शत्रुता मानी गई है। शुक्र को 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। शुक्र का गोचर 23 दिन की अवधि का होता है अर्थात शुक्र एक राशि में क़रीब 23 दिन तक रहता है।

मनुष्य जीवन पर शुक्र ग्रह का प्रभाव

शुक्र ग्रह आपके जीवन की सेकेंडरी चीजों का कारक है। यह खूबसूरती का कारक भी कहा जाता है। आपके जीवन में शनि या गुरु ग्रह आपको जीवन जीने के लिए आवश्यक वस्तुए दिला देंगे जैसे अगर आपको रोटी खानी है तो आप को गुरु की कृपा से रोटी मिलेगी लेकिन अगर पिज़्ज़ा खाना है या समोसे पकोड़े पकवान खाने हैं तो यह शुक्र की कृपा से मिलेगी। अगर आपको मकान की आवश्यकता है तो यह शनि या मंगल दिला देंगे लेकिन खूबसूरत मकान चाहिए तो यह शुक्र के कारण ही मिलेगा। आपको राजनीती में जाना है तो सूर्य या चंद्र के प्रभाव से आप राजनैतिक सफलता प्राप्त कर लेंगे। पर लाभ का पद चाहिए तो यह शुक्र ही देगा। आपको नौकरी चाहिए तो शनि दिला देगा पर ऑफिसर पोस्ट के मजे लेने है तो शुक्र की मदद चाहिए। शुक्र आपके जीवन के हर पहलु को प्रभावित करता है।


ज्योतिष के मुताबिक शुक्र ग्रह का कुंडली के लग्न भाव में होना जातक को रूप-रंग से बेहद सुंदर व आकर्षक बनाता है। वहीं ऐसा जातक स्वभाव से मृदुभाषी होने के साथ ही कला में रूचि रखता है। इसके आलावा अलग अलग भावों में अलग अलग राशियों में विभिन्न फल देता है। ये लम्बा विषय हो जायेगा। कुछ मुख्य बाटे जान लेते हैं।

कुंडली में शुक्र बलि हो तो व्यक्ति के वैवाहिक जीवन को सुखी बनाता है। यह पति-पत्नी के बीच प्रेम की भावना को बढ़ाता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होता है वह व्यक्ति जीवन में भौतिक सुखों का आनंद लेता है। बली शुक्र के कारण व्यक्ति साहित्य एवं कला में रुचि लेता है।

पीड़ित शुक्र – पीड़ित शुक्र के कारण व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में परेशानियाँ आती हैं। पती-पत्नि के बीच मतभेद होते हैं। व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता आती है और वह भौतिक सुखों के अभाव में जीता है। यदि जन्म कुंडली में शुक्र कमज़ोर होता है तो जातक को कई प्रकार की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित शुक्र के प्रभाव से बचने के लिए जातकों को शुक्र ग्रह के उपाय करने चाहिए।

रोग – कमज़ोर शुक्र के कारण जातक की कामुक शक्ति कमज़ोर होती है। इसके प्रभाव से व्यक्तियों को किडनी से संबंधित बीमारी होने का ख़तरा रहता है। व्यक्ति को आँखों से सबंधित वहीं स्त्री जातकों के लिए शुक्र गर्भपात का कारण बनता है।

कार्यक्षेत्र – ज्योतिष में शुक्र ग्रह कोरियोग्राफी, संगीतकार, पेंटर, फैशन, डिज़ाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कपड़ा संबंधी व्यवसाय, होटल, रेस्ट्रोरेंट, टूर एंड ट्रेवल, थिएटर, साहित्यकार, फिल्म इंडस्ट्री आदि कार्यक्षेत्र को दर्शाता है।

शुक्र मणि Shukra mani

रत्न विज्ञान में शुक्र मणि को शुक्र देव का रत्न बताया गया है। इसे धारण करने से मनुष्य पर शुक्र ग्रह की कृपा दृष्टि बढ़ती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। शुक्र मणि प्रभावशाली रत्नों में से एक है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को दांपत्य जीवन, भोग- विलास, रूप सौंदर्य, आकर्षण और सांसारिक सुखों का कारक माना गया है।
यह समुंद्र की गहराइयों में पायी जाती है, जिसे मछलियां जीव समझकर खा लेती है और उनके पेट में ही रह जाती है। वहीं जब मछुआरे मछलियां पकड़ते है तो मछलियों के पेट से शुक्रमणि प्राप्त होती है। लेकिन यह एक मछली के पेट से 1 ही शुक्र मणि प्राप्त होती है लेकिन यह डायमंड और ओपल से काफी सस्ती बाजार में मिल जाती है। कई बार इसका प्रभाव हीरे से भी ज्यादा अच्छा माना जाता है। कुछ लोगों का मानना है की हीरे के दुष्परिणाम हो सकते हैं यदि कुंडली में शुक्र का प्रभाव नकारात्मक है। पर शुक्र मणि चेल मछली से निकलती है इसलिए इसपर राहु का भी प्रभाव होता है। यदि कुंडली में राहु के कारण शुक्र कही पीड़ित है तो आपको शुक्र मणि जरूर पहननी चाहिए।

इसी तरह मच्छ मणि भी होती है लेकिन मच्छ मणि और शुक्र मणि में कुछ अंतर होते हैं। जहाँ मच्छ मणि केवल राहु के प्रभाव के लिए होती है वही शुक्र मणि शुक्र और राहु दोनों को प्रभावित करती है।

शुक्र मणि पहनने के लाभ

स्वस्थ पर पड़ने वाले प्रभाव
यह स्टोन शुक्र जनित बीमारियों में बहुत लाभकारी होता है। जैसे किडनी, जलोदर रोग, आंख संबंधित रोग, चर्म रोग, महिला व पुरुष संबंधित समस्याओं में यह बहुत लाभ देता है इसके अलावा यह स्‍टोन हर तरह की बीमारियों एवं विकारों के इलाज में मदद करता है। मानसिक और शारीरिक व्‍याधियों से शुक्र मणि स्‍टोन आपको रक्षा प्रदान कर सकता है। यह बीमारी पैदा करने वाली ऊजाओं और नकारात्‍मकता को सोख लेता है और उन्‍हें पर्यावरण में छोड़ने में भी मदद करता है। शुक्र मणि के प्रभाव से सभी अंगों से बीमारियां और विषाक्‍त पदार्थ निकालने में मदद मिलती है। यह शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में भी लाभकारी है।

मानसिक स्वस्थ पर पड़ने वाले प्रभाव
यदि आपकी याद्दाश्‍त कमजोर है या क्रिएटिव सोचने में दिक्‍कत होती है तो शुक्र मणि आपके दिमाग के बंद ताले को खोलकर आपकी मानसिक और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। शुक्र मणि मूड को बेहतर कर सकता है और आपको अपने आसपास की नेगेटिविटी से बचाता है। चमत्‍कारिक शुक्र मणि सभी तरह की बुरी शक्‍तियों और ऊजाओं को नष्‍ट करता है। अगर कोई आपकी सफलता से जलता है या ईर्ष्‍या करता है तो शुक्र मणि ऐसे लोगों से आपकी रक्षा कर सकता है।

शुक्र मणि के सामाजिक व आर्थिक लाभ
अगर आपके दांपत्य जीवन में किसी तरह की कठिनाई आ रही है तो ऐसी स्थिति में शुक्र मणि धारण करने से पति पत्नी के बीच प्रेम प्रघाढ़ होता है। शुक्र मणि को धारण करने से आप में आकर्षण शक्ति उत्पन्न होती है। इसे धारण करने से आपका प्रेमी या प्रेमिका आपको सम्मान देने लगती है वह आपके प्रति आकर्षित होता है। जिन लोगों के विवाह में विलंब हो रहा है ऐसे पुरुष शुक्र मणि धारण कर सकते हैं।

शुक्र का रत्‍न शुक्र मणि आपके जीवन को सुखों से परिपूर्ण और धन-धान्‍य से समृद्ध बना सकता है। काम धंधे नौकरी में परशानी आने पर इसे धारण करने से पूरा लाभ देता है। यह वाहन खूबसूरत घर व लग्जरी लाइफ पाने में भी आपकी सहायता करता है।

शुक्र मणि कैसे धारण करें
चूंकि, यह शुक्र ग्रह का रत्‍न है इसलिए इसे शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए। शुक्‍ल पक्ष या किसी भी शुक्रवार की सुबह स्‍नान के बाद घर के पूजन स्‍थल में बैठ जाएं।

एक तांबे का पात्र लें और उसमें कच्‍चा दूध या गंगाजल डालें। इसमें शुक्र मणि को डुबो दें और 108 बार ‘ऊं शुक्राय नम:’ का जाप करें। जाप पूर्ण होने पर धूप-दीप दें और फिर इसे धारण कर लें।

शुक्र मणि किस धातु में पहनें
शुक्र मणि को चांदी की धातु में पहनना सबसे अच्‍छा होता है। इसे लॉकेट में धारण करना चाहिए।

शुक्र मणि किस दिन पहनना चाहिए
मणि को उसके स्‍वामी ग्रह से संबंधित दिन पर धारण किया जाता है। ऐसा करने से मणि के स्‍वामी ग्रह की भी कृपा मिलती है और मणि का प्रभाव भी दोगुना हो जाता है।

शुक्र मणि का स्‍वामी ग्रह शुक्र है और इस ग्रह को सप्‍ताह का शुक्रवार का दिन समर्पित है। इसलिए शुक्रवार के दिन शुक्र मणि पहनने की सलाह दी जाती है।

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