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Benefits of wearing a mantra written bracelet, मंत्र लिखा कड़ा पहनने के लाभ

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दोस्तों आपने अक्सर देखा होगा कि पुरुष लोग अपने हाथ में कड़ा पहनते है, और महिलायें कंगन दोनों ही लगभग एक जैसे लाभ देते हैं। कड़ा कंगन चूड़ी केवल फैशन ही नहीं बल्कि इसके कई वैज्ञानिक लाभ भी हैं। जब उसपर मन्त्र लिख दिया जाता है तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। क्योकि ये लघु उपाय से महा उपाय में बदल जाता है।
हिन्दू धर्म के अभिन्न अंग, सिख लोगो के लिए कड़ा पहनना अनिवार्य होता है। गुरु देव गोविंद सिंह जी ने सिखों के लिए पांच चीजें अनिवार्य की थीं। जिन्हे पाँच ककार कहते हैं केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा। पहले ये जानेगे की कड़े का वैज्ञानिक महत्व क्या है फिर मन्त्र लिख कड़ा क्यों पहने इसपर चर्चा करेंगे

मन्त्र वाले कड़े का मनोवैज्ञानिक प्रभाव

दोस्तों हमें पहले भी एक लेख में कड़े के बारे में बताया है। लोगों का मानना है की जो इंसान हाथ में कड़ा पहनता है उसमे हिम्मत बढ़ जाती है। कड़ा बहादुरी का प्रतीक माना जाता है। कड़ा पहनने वाले बहादुर और हिम्मत वाले इंसान होते है। कड़ा पहनने वालों में रिस्क लेने की क्षमता बढ़ जाती है। पुराने लोग मानते हैं कि कड़ा साहस प्रदान करता है। वैज्ञानिको का मानना है कि कड़ा पहनने वाले मर्दों का एटीट्यूड और स्टाइल बाकी पुरुषों के मामले में थोड़ा अलग होता है। दबंग लोग कड़ा पहनते हैं या ऐसा कहे की देखा गया है कड़ा पहने लोग दंबगई पर उतर आते हैं। क्योंकि कड़े की वजह से इनके शरीर के अंदर एक अनोखी ऊर्जा का संचार होता है। जब उस कड़े पर मन्त्रों को उकेर दिया जाता है तो उसका प्रबाव कई गुना बढ़ जाता है। आप अपने लक्षण व राशि के अनुरूप कड़े के लिए धातु और मन्त्र चुन सकते हैं। जैसा की हमने कई लिखों में मंत्रों का उल्लेख किया है मन्त्रों में अनोखी ऊर्जा होती है। उसके मनोविज्ञानीक प्रभाव जपने वाले व्यक्ति पर पड़ते हैं। आपने स्विच वर्ड्स व एंजेल नम्बर के बारे में सुना होगा। उनका प्रभाव केवल लिखे होने मात्र से पड़ता है। स्विच वार्ड सामने लिखे रहे उनका कोई मतलब नहीं पर आप उसे देखते हैं तो वह ऊर्जा का रूपन्तरण होता है जो आपके बड़े बड़े काम करते हैं। ऐसे ही एंजेल नम्बर होते हैं जो सामने लिखे है और आपका काम हो रहा है। जैसे आपके जीवन में धन सम्बंधित समस्या है तो ELOHIM-DIVINE स्विच वर्ड लिख ले जब समय हो इसे देखे और मन में दोहरये व 1222 नंबर को अपने हाथ पर लिख ले। लगभग 11 दिन में आपको इसका रिसल्ट दिख जायेगा। यदि हम मंत्र को कड़े पर लिखे तो वो भी बहुत प्रभवि होते हैं।

मन्त्र वाले कड़े का लाभ प्रभाव

सबसे पहले हमें अपने अनुकूल धातु और मन्त्र को जान लेना चाहिए। तभी मन्त्र वाला कड़ा पहनना चाहिए इसपर हम बाद में चर्चा करते है। पहले आप फायदे तो जान लें। मन्त्र लिखा कड़ा सुरक्षा का पर्याय हैं। इसे पहने वालों ने अनुभवों के आधार पर बताया कि इसे पहन कर उन्हें नज़र दोष अचानक बीमारी या डर से सुरक्षा मिलती है। मेरे एक मित्र है वृंदा वन में मिले थे उन्होंने नमो नारायण लिखा ताम्बे का कड़ा धारण किया हुआ है उन्होंने बताया कि इसे पहनने के बाद व्यवसाय में लाभ हुआ और दुष्ट प्रवर्ति के लोगों से उन्हें छुटकारा मिल गया।
यह सिर्फ बुराई को दूर नहीं करता बल्कि आकर्षण शक्ति को भी बढ़ता है। जिससे अच्छे लोगों का आपके जीवन में आगमन होता है। महा मृत्युंजय मंत्र लिखा कड़ा स्वस्थ को आकर्षित करता है। बीज मन्त्र लिखे कड़े स्वस्थ, धन, आत्मिक शांति व सामाजिक संबंधों में लाभ देते हैं। गायत्री मन्त्र लिखा कड़ा आध्यात्मिक उन्नंती में सहयक है। जैन लोग भी णमोकार लिखा कड़ा पहनते हैं। स्त्रियां कंगन पर मन्त्र लिखवाकर पहन सकती हैं।
ग्रह दोष के लिए ग्रहों के बीज मन्त्र लिखा कड़ा पहनने से लाभ मिलता है। जिस गृह की महादेश हो उसका लिखा कड़ा पहना जा सकता है। काल सर्प दोष निवारण हेतु कड़ा पहना जा सकता है। अपने आराध्य का नाम लिखा कड़ा पहहने से आध्यात्मिक उन्नति होती है।

अधिक लाभ के लिए कौन से धातु और मन्त्र का कड़ा पहने

धातुओ का ग्रहो से सीधा सीधा कन्नेक्शन है जैसे सोने का सूर्य, मंगल बृहस्पति से चांदी
का चंद्र शुक्र व शनि से पंचधातु का बुध से राँगा यानि Tin का राहु से सम्बन्ध है। इसलिए अपना स्वाभाव व कुंडली में राशि स्वामी के अनुसार धातु पहने।

सोना शुद्ध धातु है जो आपके भाग्य के व स्वस्थ के लिए उत्तम माना जाता है। यह मणिपुर चक्र को एक्टिव करता है। इसका क्षरण नहीं होता इसी लिए इसे स्पेस में भी इस्तमाल किया जाता है। सोने में रक्षात्मक गुण पाए जाते हैं। यह आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल देता है। सोने पर मूल बीज मंत्र “ॐ” देव बीज मंत्र काली, दुर्गा या क्रीं से शरू होने वाले मन्त्र नरसिंहा बीज मंत्र और सूर्य का बीज मन्त्र लिखा जाता है। इससे शत्रु से सुरक्षा मिलती है।
अगर आप क्रोधी स्वाभाव के है तो आप सोने का कड़ा पहन सकते है उसपर गायत्री मंत्र लिखा जा सकता है। महा मृतुन्जय मन्त्र चंडी पर लिखना शुभ होता है पर आप इसे सोने पर भी लिख सकते हैं। यदि आपकी राशि मेष, सिंह व धनु हो तो आप सोने का कड़ा पहने। मिथुन, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए सैम पराभव वाला होता है। अन्य लोग एक बार कुंडली में सूर्य मंगल और गैरु की स्तिथि का अवलोकन करा ले। यदि ये ठीक है तो पहने अन्यथा न पहने पंचधातु का कड़ा लगभग सभी के लिए ठीक होता है। पायल के रूप में सोने से दूर रहें।

अपनी राशि के अनुसार कड़ा पहने

चांदी की कड़ा

जब से चंडी की खोज हुई है तब से लोग, चांदी का प्रयोग घाव भरने में, संक्रमण के नाश के लिए, आंतरिक अंगों को रहत देने के लिए, आत्मा को शांत करने के लिए, मानसिक रोग में रोगी को लाभ पहुंचने के लिए करते आ रहे हैं। चांदी में जल को चार्ज करने की प्रबल क्षमता होती है। चांदी त्वचा के अल्सर जैसी बिमारियों और अधिकांश रोगाणुओं सम्बंधित समस्या को खत्म करती है। इसके अलावा, यह किसी व्यक्ति के शरीर की शक्ति बढ़ाने में और शरीर में गर्मी को बाहर करने में मदद करता है। चांदी के बारे में कहा जाता है की इसे पहनने से जीवन शक्ति के स्तर और स्वभाव में सुधार आता है।

ज्योतिष के अनुसार चंद्र और शुक्र पर चांदी का अधिकार होता है। चांदी का कड़ा कलाई में पहनने से कई बीमारियां दूर हो जाती हैं। इसके साथ ही चंद्रमा ग्रह से जुड़े हुए जितने भी दोष हैं उन्हें यह कड़ा धारण करने पर समाप्त करता है और एकाग्रता लाकर मन को चंचल होने से बचाता है। कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने हाथों में चांदी का कड़ा पहनते हैं उनपर लक्ष्मी माता की बहुत कृपा होती है। रुपया का संसकृत में अर्थ चांदी होता है। चंद्र सूर्य शनि बुध राहु केतु कोई भी कुंडली में आपको कास्ट दे रहा हो आप चांदी का कड़ा पहन सकते हैं। साथ ही इन ग्रहों के बीज मन्त्र लिखा कड़ा पहने। महा मृत्युंजय लिखा कड़ा चंडी का हो तो अति उत्तम है। सरस्वती बीज “ऐं” जो बौद्धिक कार्यों में सफलता दिलाता है। भुवनेश्वरी बीज “ह्रीं” जो शक्ति, सुरक्षा, पराक्रम, व धन दाता है। लक्ष्मी बीज “श्रीं” जो धन, संपत्ति, सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य का कारक है। चांदी के कड़े पर लिखा जा सकता है।

तांबे के कड़े का ज्योतिषीय महत्व

तांबे का कड़ा पहनना शुभ माना जाता है। यदि आप सोने नहीं धारण कर सकते तो उसके स्थान पर तांबे का कड़ा धारण करें। सूर्य से जुड़े दोष हों या मंगल के नकारत्मक प्रभाव दोनों के लिए ताम्बा सबसे उपयुक्त है। कॉपर का कड़ा या कंगन पहनने से शरीर के जोड़ों और गठिया से जुड़े हर तरह के दर्द से आराम मिलता है। इसपर ऐं मन्त्र लिखवाने से वात, रक्त चाप, कोलेस्ट्राॅल, मूर्छा आदि असाध्य रोगों में मदद मिलती है। मेष, सिंह धनु और मीन राशि के लिए तांबे हमेशा शुभ माना जाता है। वृष, कन्या और मकर राशि के लिए तांबे बहुत अनुकूल नहीं माना जाता। जबकि बाकी राशियों के लिए तांबे साधारण माना जाता है।

लोहे का कड़ा

लोहे का कड़ा, स्टील का कड़ा या जर्मन का कड़ा पहना है तो यह शनि का कड़ा माना जाएगा। इसे शरीर में आयरन की कमी दूर होती है साथ ही यह शनि के दोष प्रभाव से भी बचता है। इसे मकर, कुम्भ व तुला राशि वाले पहन सकते हैं। इस पर शनि मंत्र, भैरव मन्त्र और शाबर मन्त्र लिखे जा सकते हैं। आपका स्वाभाव बहुत शांत और ठंडा है तो आप लोहे या स्टील का कड़ा पहन सकते हैं।

पंच धातु व अस्त धातु का कड़ा पहने के लाभ –

पंचधातु 1 सोना, 2 तांबा, 3 चांदी, 4 पीतल और 5 सीसा या जिप्सम का मिश्रण होता है।
पंचधातु में सोना आपको चिकित्सिक गुण प्रदान करता है तो चांदी आपको ठण्ड और गर्मी सहन करने की शक्ति प्रदान करता है | लोहा मानसिक शक्ति को बढ़ाता है और सीसा स्वयं जहरीला होता है परन्तु पंचधातु में मिलकर बाकी सारे धातुओं के गुणों को बढ़ाता है |जब पंचधातु से बना कड़ा पहनते हैं तो ये पांचों धातु मिलकर असाधारण तरीके से विश्वास,स्वास्थय,सौभाग्य और संवृद्धि में बढ़ोतरी कराते हैं ऐसे ही अष्टधातु हृदय को भी बल देता है एवं मनुष्य की अनेक प्रकार की बीमारियों को निवारण करता है। यह वात, पित्त, कफ का इस प्रकार सामंजस्य करता है कि बीमारियां कम होती हैं एवं स्वास्थ्य पर अच्छा असर रहता है। यह सभी नौ ग्रहों से होने वाली पीड़ा को शांत करता है।

यदि कुंडली में राहु अशुभ स्थिति में हो तो विशेष कष्टदायक होता है। उसमें भी राहु की महादशा और अंतर्दशा अत्यंत ही कष्टकारक दुष्प्रभाव दे सकती है। ऐसी स्थिति में दाहिने हाथ में अष्टधातु के कड़े पर ॐ रां राहवे नमः या ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः लिखवाकर धारण करने से अवश्य ही लाभ प्राप्त होता है।

नवग्रह के धातु व मंत्र लिखे कड़े

सर्य की धातु सोना व पीतल होती है और मन्त्र ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम: है। इसे सिंह राशि वाले पहन सकते हैं। जिन जातकों का जन्म 01, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है। वह भी इसे पहन सकते हैं।
चंद्र की धातु चांदी होती है और मन्त्र ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः सोमाय नमः है। इसे कर्क राशि वाले पहन सकते हैं। जिन जातकों का जन्म 02, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है। वह भी इसे पहन सकते हैं।
मंगल की धातु ताम्बा व पीतल होती है और मन्त्र ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: है। इसे मेष व वृश्चिक राशि वाले पहन सकते हैं। जिन जातकों का जन्म 09, 18, या 27 तारीख को हुआ है। वह भी इसे पहन सकते हैं। वृश्चिक राशि वाले इसे अस्टधातु में पहने तो ज्यादा अच्छा है।
बुध की धातु पीतल होती है और मन्त्र ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः: है। इसे कन्या और मिथुन राशि वाले पहन सकते हैं। जिन जातकों का जन्म 05, 14, या 23 तारीख को हुआ है। वह भी इसे पहन सकते हैं।
गुरु की धातु सोना है और मन्त्र ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः है। इसे कर्क राशि वाले पहन सकते हैं। जिन जातकों का जन्म 03, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है। वह भी इसे पहन सकते हैं।
शुक्र की धातु चांदी है और मन्त्र ॐ द्रां द्रीं द्रौम सः शुक्राय नमः है। इसे वृष और तुला राशि वाले पहन सकते हैं। जिन जातकों का जन्म 06, 15 और 24 तारीख को हुआ है। वह भी इसे पहन सकते हैं।
शनि की धातु लोहा है और मन्त्र ॐ प्रां प्रीं प्रोम सह शनिस्चराये नमः है। इसे मकर और कुम्भ राशि वाले पहन सकते हैं। जिन जातकों का जन्म 06, 15 और 24 तारीख को हुआ है। वह भी इसे पहन सकते हैं।

राहु और केतु की स्टील है और राहु मन्त्र ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः व केतु मंत्र ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः है। जिन जातकों का जन्म 04, 13 और 22 तारीख को हुआ है वह राहु मन्त्र का कड़ा पहने। जिन जातकों का जन्म 07, 16 और 25 तारीख को हुआ है वह केतु मन्त्र का कड़ा पहने। व जिनपर राहु केतु की दशा चल रही है वह व्ही पहन सकते हैं।

2 thoughts on “Benefits of wearing a mantra written bracelet, मंत्र लिखा कड़ा पहनने के लाभ

  • Sameer Kumar B Kollhar

    Sir wearing kada(amulet) according to the horoscope will be more beneficial?

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