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Sunahla, सुनहला रत्न के फायदे, पहचान व धारण करने की विधि,

सुनहला को टोपाज के नाम से भी जाना जाता है. यह कई रंगों में उपलब्ध होता है किन्तु सबसे अधिक यह हल्के पीले रंग में पहना जाता है। इसे बृहस्पति का रत्न कहा जाता है। वह पुखराज का उपरत्न माना जाता है। इस रत्‍न को अंग्रेजी में सिट्रीन स्‍टोन कहा जाता है।यह प्राकृतिक स्‍टोन पीले से गोल्‍डन रंग का होता है। सुनहला एक सेमी-प्रीशियस स्‍टोन है जो कि क्‍वार्ट्ज मिनरल फैमिली से ताल्‍लुक रखता है। Sunahla

सुनहला रत्न के फायदे Sunahla ke fayde

सुनहला का उपयोग बृहस्पति ग्रह के प्रभाव को शुभ देने में सहायक होता है. कई बार ग्रह अपने गुणों को देने में सक्षम नही हो पाता है. इस रत्न को धारण करने से गुरू ग्रह से संबंधित सभी लाभ प्राप्‍त होते हैं.
बृहस्पति सभी नौ ग्रहों में एक बहुत ही शुभ ग्रह माना गया है। भृगु नंदी नाड़ी ज्योतिष में इसे जीव कहा जाता है कुण्डली में गुरु की शुभता व्यक्ति को ऊचांईयों तक पहुंचाने वाली होती है. गुरु के ही शुभ प्र्भाव से व्यक्ति एक सफल वक्ता और समाज सुधारक भी बनता है.गुरु मैनेजमेंट के गुण देता है. जातक को काम करने के बेहतर स्किल देने वाला होता है. इस के प्रभाव से व्यक्ति बोल चाल में तो कुशल होग अही उसका ज्ञान भी परिष्कृत होगा. लोग उस जातक से प्रभावित होकर उसके पास खिंचे चले आ सकते हैं.
पर दूसरी ओर अगर बृहस्पति की शुभता पूर्ण रुप से नहीं मिल पाए या किसी कारण से जन्म कुण्डली में बृहस्पति ग्रह कमजोर है तो इस स्थिति में व्यक्ति अपने ज्ञान को उचित रुप से संभाल नहीं पाता है, वह स्वयं भी भटकाव में होता है. बौद्धिकता में उन्नत नहीं रह पाता है. ऎसे में इस स्थिति से बचने के लिए गुरु के अनेक उपाय बताए गए हैं जिनमें से एक सुनहला धारण करने की बात भी कही गई है. जो छात्र पढ़ाई में कमजोर हैं या जिन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करनी हैं उन्हें इसका उपयोग करने से सफलता प्राप्त होती है
ज्ञान और समृद्धि के ग्रह से संबंधित होने के कारण सुनहला करियर और व्‍यापार में लाभ देता है। यदि आपको बिजनेस में घाटा हो रहा है, बेवजह खर्चे होते रहते हैं और निवेश से भी लाभ नहीं मिल पा रहा है तो सुनहला स्‍टोन आपके दिन बदल सकता है। सुनहला को पहनने से आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होती है जिससे धारणकर्ता अपनी सूझ-बूझ से सही निर्णय लेकर आर्थिक तंगी से निकलने में सफल होता है। सुनहला रत्‍न व्‍यक्‍ति की सीखने की क्षमता को भी बढ़ाता है और इस स्‍टोन को पहनने से व्‍यक्‍ति के एनालिटिकल स्किल्‍स अच्‍छे होते हैं। Sunahla
इस रत्‍न को पहनने से संबंधों के बीच के मन मुटाव को खत्‍म करने में मदद मिलती है। जिन विवाहित जोड़ों को संतान प्राप्‍ति में दिक्‍कत आ रही है, उन्‍हें सुनहला पहनने से लाभ होता है।
सुनहला स्‍टोन को इसके हीलिंग गुणों के लिए जाना जाता है। सिट्रीन स्‍टोन में एनर्जी की सोलर क्‍वालिटी होती है। इस वजह से तीसरे चक्र या सोलर प्‍लेक्‍सस से संबंधित स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को ठीक करने के लिए सुनहला के हीलिंग क्रिस्‍टल का प्रयोग किया जाता है। सि‍ट्रीन पाचन में सुधार करता है और शारीरिक शक्‍ति को बढ़ाता है।
सिट्रीन स्‍टोन मणिपुर चक्र पर कार्य करता है और एनर्जी को बढ़ाता है। यह व्‍यक्‍ति के आसपास फैली नकारात्‍मक ऊर्जा को खत्‍म करता है।
मेडिटेशन, मानसिक जागरूकता और आध्‍यात्‍मिक विकास में यह रत्‍न लाभकारी है।
फेंगशुई के अनुसार यह चमत्‍कारिक स्‍टोन धन को आकर्षित करने का काम करता है।
सुनहला रत्न की पहचान
सुनहला पीले रंग अपनी सुंदरता और बनावट से पहचाना जाता है. यह चमकदार हो इस पर किसी प्रकार की कोई लाइन या धारियां नहीं होनी चाहिए. चिकना एवं स्पष्ट होना चाहिए. यह उपरत्‍न पीले से भूरे रंग की ओर जाते हुए कई शेड लिए होता है. इसे अंगूठी, ब्रसलेट, पेन्डेंट रुप में जैसे चाहें यूज कर सकते हैं.
प्राकृतिक अवस्था में पाए जाने वाला सुनहला बहुत कम उपलब्ध होता है. कृत्रिम सुनहला बाजार में अत्यधिक मिलता है. इसकी चमक को देखकर व्यक्ति भ्रमित होकर पुखराज समझ लेता है. लेकिन दोनों रत्नों को सामने ध्यान से देखने पर अन्तर स्पष्ट दिखाई देता है।

सुनहला रत्न धारण करने की विधि –
बृहस्‍पति देव के इस स्‍टोन को आपको बृहस्‍पतिवार के दिन ही धारण करना चाहिए। इसे सीधे हाथ की तर्जनी उंगली में पहनना चाहिए।

सुबह स्‍नान के बाद घर के पूजन स्‍थल में बैठ जाएं और तांबे की कटोरी या बर्तन में गंगाजल, तुलसी की पत्तियां, गाय का कच्‍चा दूध, शहद और घी डालें। अब इसमें सुनहला स्‍टोन को डाल दें।
इसके बाद 108 बार ‘ऊं ग्रां ग्रीं ग्रूं गुरुवे नम:’ का जाप करें। अब सुनहला स्‍टोन को निकाल कर साफ कर लें और इसे धारण करें।

सुनहला किस धातु में पहने
इस स्‍टोन को चांदी और सोने की धातु में पहनना सबसे ज्‍यादा अच्‍छा रहता है। इसके अलावा आप सुनहला रत्‍न को पंचधातु, प्‍लैटिनम और व्‍हाइट गोल्‍ड में भी पहन सकते हैं।

सुनहला किसे पहनना चाहिए
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु तथा मीन राशि व लगन के जातक सिट्रीन स्‍टोन पहन सकते हैं। परन्तु इसे धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योत्षी से एक बार अपनी कुंडली दिखा लेनी चाहिए

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